Sunday, 1 February 2026

Manglik KaryBadha

आये दिन कार्यों में बाधा आते ही रहता है.. पर उन सभी पर हमारा ध्यान नहीं जाता है.. पर जब शुभ व मांगलिक कार्यों बाधा आने लगता है.. तब ध्यान जाने लगता है कि कहीं कहीं ग्रह दोष तो जरूर है.
हाँ सही बात है ऐसा ग्रह बाधा के कारण ही होता है.. आइए मैं आपको बेहतर ढंग से समझाता हूँ - 
पाँच पापी ग्रह होते है - सूर्य, मंगल, शनि, राहु और केतू.
अब इनसे दोष बाधा कैसे लग जाता है..?
लग्न और राशि पर इनमें से एक भी बैठा हो तो दोष लग जाता है.. और तो और लग्न और राशि से 4था, 7वाँ, 8वाँ और 12वाँ इनमें से एक भी ग्रह बैठा हो तो दोष-बाधा का प्रभाव देखने को मिलता है.
तब..?... क्या करें..?
चुपचाप उपाय करें.. एक लगातार ही उपाय करें. समस्या समाप्त होने के बाद भी उपाय करते ही रहें.. क्योंकि, ग्रह का प्रभाव रूप-स्वरूप बदल बदल कर आते ही रहेंगे.

Thursday, 29 January 2026

MANGAL SHIKAR

एक दिन आरा के ही पकड़ी गाँव से एक व्याहता स्त्री की जन्मकुंडली आई.. सवाल था वह हमेशा बीमार रहती है क्यों.. मैंने कुंडली का अध्ययन किया तो ऐसा कहीं भी योग नहीं था जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि लड़की बीमार रहेगी.
तब मैंने दिमाग़ दौराया.... वर का कुंडली माँगा.. जो नहीं था.. लेकिन ओरिजिनल जन्म व्योरा था जिसके आधार पर कुंडली बनाया और अध्ययन किया.
लड़की मांगलिक नहीं थी.... लेकिन वर मांगलिक था.. यही वजह था लड़की का बीमार पड़े रहने का.हुआ यों था कोलकाता के पंडित जी थे सिर्फ पंडित जी थे.. अब वो जो कहेंगे वो ठीक.. हुआ ऐसा ही था.. पंडित जी को मंगला / मंगली का ज्ञान था नहीं.. वो बोल दिए कि कुंडली ठीक है और विवाह हो गया. टेलीफोनिक बातचीत से स्पष्ट हुआ.. पंडित जी क्षमा याचना करने लगे. आजकल हर कोई स्वयं को ज्योतिष का ज्ञाता ही समझता है.. तो इसके लिए क्या किया जा सकता है. अपना मुंडी तो नहीं फंस रहा चलो जजमान के ही मुंडी फंसा दो.. फंसेगा तभी तो उपाय के नाम पर जो भी हो कमाई तो हो जायगा.
उन्होंने उपाय पूछा तो  
मैंने उपाय दिए.... और बतलाया कि जबतक उपाय चलेगा तबतक लड़की और लड़का अलग अलग रहेंगे.
जब लड़की स्वस्थ रहने लगेगी तब भेजना.
लड़की स्वस्थ रहने लगी और वापस ससुराल भेज दी गयी.
आइये कुंडली में कैसे मांगलिक दोष कैसे बनता है.. जानते है -
मंगल दोष- लग्न और राशि पर मंगल हो तो मंगल दोष होता है या राशि और लग्न से 4था, 7वाँ 8वाँ और 12वाँ स्थान पर मंगल बैठा हो तो मंगल दोष लग जाता है.
यहाँ विशेष ध्यान देना है कि राशि और लग्न दोनों से ही मंगल दोष  देखा जायगा.

Saturday, 18 October 2025

Himmat Aa Gaya

🌹साधक साक्षी हैं -
प्रश्न - ऐन मौके पर हिम्मत जवाब दे देता है..! 
ऐसा केस बहुतों का देखा है मैंने.
एक साहब.. प्रतियोगी परीक्षा में बैठते थे.. आधी पेपर पूरा करने के बाद उनका दिमाग़ काम करना बंद कर देता था.
ऐसे में एक और साहब.. जिनका लड़ाई-झगड़े के समय उनका हिम्मत जवाब दे देता था.
ऐसे केस बहुत ज्यादा हैं.. और जो भी ऐसे समस्या लेकर मेरे ज्योतिष कार्यालय में आये.. उनका समाधान हुआ.
एक उदाहरण सिर्फ समझने के लिए - 
नाम - अभिषेक 
जन्म का ब्यौरा - 
29 जून 198*
समय - 08:00 pm
दलसिंहसराय, बिहार.
इनको मैंने..
1.सर्व बाधा निवारक स्नान पैक 
2.यति महारक्षा कवच 
3.दो रिंग...... दिए..सामग्री निर्माण खर्च गिरा 11,600रू.
इतना से ही इनका समस्या खत्म हो गया.. BPSC द्वारा आयोजित परीक्षा इन्होने सफलता पूर्वक दे दिया.परिणाम सकारात्मक आ गया और सरकारी सर्विस लग गया.
आलेख साभार :
मुकुंद 
व्हाट्सप्प - 9334534189

Friday, 17 October 2025

Mitra Vidya Santan

मित्र, विद्या और संतान जीवन के महत्वपूर्ण पहलू हैं:ज्योतिष के अनुसार, जातक की जन्मकुंडली का पंचम भाव -

मित्र:

1. *सहारा और समर्थन*: मित्र हमें कठिन समय में सहारा और समर्थन प्रदान करते हैं।
2. *साझा अनुभव*: मित्रों के साथ साझा अनुभव हमें यादें और खुशियाँ देते हैं।

विद्या:

1. *ज्ञान और समझ*: विद्या हमें ज्ञान और समझ प्रदान करती है, जिससे हम अपने जीवन में सुधार कर सकते हैं।
2. *व्यक्तिगत विकास*: विद्या हमें व्यक्तिगत विकास के अवसर प्रदान करती है।

संतान:

1. *प्यार और स्नेह*: संतान हमें प्यार और स्नेह का अनुभव कराती है।
2. *विरासत और भविष्य*: संतान हमारी विरासत और भविष्य को आकार देती है।

इन तीनों पहलुओं का संतुलन जीवन को समृद्ध और अर्थपूर्ण बना सकता है.. इसलिए हर किसी को चाहिए कि योग्य व अनुभवी ज्योतिषी से अपनी कुंडली परीक्षण अवश्य ही करवा लें.
आलेख साभार :
मुकुंद नंदन 
कॉल - 9334534189

Are baap re baap bhoot

एक दिन मेरे पास एक शादी-सुदा लड़की आई.. और रो रो कर बतलाने लगी.... जब मैं मंदिर जाती हूँ तो मुझे सुनाई देती है कि बस तुम्हारा आखिरी बार मंदिर आना हुआ अब तुम नहीं आ पाओगे.
जब मैं घर में भगवान को दीप जलाती हूँ तो आवाज आती है.. दीप में नहीं अपने देह में आग लगा लो.
सिर्फ मैं खाना का सपना देखती हूँ.. श्राद्ध का भोजन.... कहकर फ़फ़क कर रोने लगी.
मैंने जन्म तिथि आदि की जानकारी लिया.. कुंडली बनाई तो पाया कि "मारकेश" लगा हुआ है.
बस यहीं से गड़बड़ हो रहा था.. और भी ग्रह योग गड़बड़ था सो मैंने सारे ग्रहो को ठीक करने का उपाय लिख डाले.. उपाय सामग्री पर 7 हजार खर्च गिर रहा था.. घर में पैसे नहीं थे.
जब किस्मत खराब होती है ना तो हर तरफ से दरवाज़े बंद मिलेगा.
पर उसने हिम्मत नहीं हारी.. उसे पूर्ण विश्वास था मुझपर.. सो उसने सोना गिरवी रखकर पैसे उठा लिए.. और उपाय सामग्री का पूरा मनोयोग से काम किया.
आरम्भ में तो नकारात्मक शक्ति ने पूरा जोर लगा दिया ताकि वो उपाय करना छोड़ दें.. पर मैंने यह बात पहले से ही बता दी थी.. वो मेरे सम्पर्क में बनी रही और समय समय पर सलाह लेती रही.. अमल में लाती रही.
काफ़ी मेहनत के बाद से राहत मिला.. अब वो ठीक है.
आलेख सभार :
मुकुंद 
9334534189

Monday, 15 July 2024

TANTRA AUR VIVAH

🌹साधक साक्षी हैं - 
एक दिन दिल्ली से फोन आया -" मैं राजस्थान का रहने वाली हूँ.. सर्विस के कारण दिल्ली में हूँ..मेरी विवाह लग कर कट जाती है.. यह बात वर्षो से हो रही है. कुछ उपाय हो तो बतलाइए".
मैंने कहा - "पहले तुम विवाह भविष्यवाणी कुंडली बनवा लो.. और उसके निर्देश के अनुसार काम करो.. विवाह हो जायेगा".
उसने विवाह भविष्यवाणी कुंडली हेतु आदेश दे दिए.
नाम - नेहा 
26.अगस्त 1984
14.20 pm
भरतपुर.
कुंडली बनाकर मैंने भेज दिया.. उसके कुछ ही दिनो के बाद उपाय हेतु साधना सामग्री के भी आर्डर आ गए.. मैंने सामग्री सिद्ध व प्राण प्रतिष्ठा युक्त करके भेज दिया.
उसने उपाय-साधना आरम्भ कर दिए.
तकरीबन 11 महीने बाद उसका फोन फिर आया..!!
उसने बतलाया कि, उसकी विवाह एक महीने पूर्व ही हो चुकी थी.. पर उसको घोर आश्चर्य इस बात पर था.. कैसे मैंने विवाह होने की दिशा, दूरी, ससुराल का भौगोलिक बनावट, वर का घरेलू व रजि. नाम हू ब हू बतला दिया.. मैंने कैसे उसके ससुर का नाम भी बतला दिया और तो और कैसे मैंने विवाह होने की प्रबल सुयोग वाली समयावधि बतला दिया.. इसी अवधि में विवाह भी सम्पन्न हो गया..!!
ज्योतिष व तंत्र घोर आश्चर्य का ही विषय है.. इसमें जो भी सही जगह पर विश्वास किया है.. उन्हें आश्चर्य तो हुआ ही है.. कि कैसे..??
आलेख साभार :
मुकुंद नंदन 
(आचार्य मुकुंद दैवज्ञ)
व्हाट्सप्प - 9334534189

Sunday, 14 July 2024

PREM VIVAH

🌹साधक साक्षी हैं - 
मेरे पास एक कॉल आया - "देखिए ना गुरूजी! पहले तो वो हाँ हाँ कर रहा था.. अब ना कह रहा है विवाह के लिए."
"कितने समय से परिचय है ".. मैने पुछा.
तीन साल से....
इतने समय में विवाह क्यों नहीं कर लिया..? 
वो कुछ करता नहीं था.. अब अपना व्यापार सम्हाल रहा है..! 
ठीक है.. अपना डेट टाइम बतलाओ.
नाम - अंबालिका 
15.04.1991
18:38 pm
वाराणसी.
मैंने कुंडली बनाई और एडवाइस लिखा - 
1. दो रिंग 
2. यति महारक्षा कवच 
3. लक्ष्मी बीज मंत्र का जप 
4. सफ़ेद गाय की सेवा 
5. शनि दीप दान आदि 
6. वशीकरण प्रयोग.
सामग्री का आदेश राशि मिलने के बाद सामग्री तैयार करके.. व सिद्ध करके भेज दिया गया.
उपाय को करते हुए तीन महीने गुजर चुके.. उसका फोन आने लगा.. फिर से बातचीत होने लगी.
छः महीने यूँ ही गुजर गए.
सातवें महीने में उसने विवाह के लिए हाँ कर दिया.. दोनों परिवार के सहमति से अर्रेंज मैरिज हो गया.
विवाह के बाद भी लड़की मेरे सम्पर्क में रही.. बाल-बच्चे होने के बाद से सम्पर्क कम होने लगा.. अब मेरे सम्पर्क मे नहीं है.
आलेख साभार : 
मुकुंद नंदन 
(आचार्य मुकुंद दैवज्ञ)
व्हाट्सप्प - 9334534189